Discovery of the absolute truth … 12

Adventure of the Truth…

Discovery of the absolute truth … 12

December 13, 2003

Satsang (Good accompaniment) removes bigger demerit too. (Dream message)

-7: 05 a.m.

Always keep away from ignorance; even a little touch of ignorance contaminates the knowledge.

Do not spend your power by preaching to fools. Ignorance can only end with the knowledge of oneself, not by the discourses of others.

-10:10 a.m.

Trying to remove the ignorance of others is vain like sprinkling petrol on ash to try to burn the fire. Petrol of preach can work only when the fire of enlightenment has arisen within.

-10:15 a.m.

Today Tolstoy introduced me to three deep truths –

1- The most important time – which is in front of you.

2- The most important person – who stands before you.

3- The most important thing – what you are doing.

-12:07 p.m.

The only way to avoid temptations is to –

Keep yourself busy every day, every hour, every minute, every second. Think of your present work as the most important and keep up with full dedication.

-6:30 p.m.

Every Mother of today’s world understands that our country needs the saints like Shankaracharya, Ramkrishna, Vivekananda, Gandhi, Osho, we need the priests of truth like these, but she thinks that he should not be born in our house, he should be born in our neighbor’s house.

People want to get quality of high level but do not want to pay the price. People want a lot but they do not want to sacrifice desirable for it.

-10:34 p.m.

(अंतर्यात्रा)

परमसत्य की खोज…12

13 दिसम्बर 2003

सत्संग बड़े से बड़े दुर्गुण को भी दूर कर देता है। (स्वप्न सन्देश)

-7: 05 a.m.

अज्ञान से हमेशा दूर रहो, अज्ञान का तनिक सा भी स्पर्श ज्ञान को दूषित कर देता है।

मूर्खों को उपदेश देकर अपनी शक्ति व्यय मत करो। अज्ञान केवल स्वयं के ज्ञान से ही ख़त्म हो सकता है, दूसरों के उपदेशों से नहीं।

-10:10 a.m.

दूसरों के अज्ञान को दूर करने की कोशिश करना बुझी राख पर पेट्रोल छिड़ककर आग जलाने की कोशिश के समान व्यर्थ है। उपदेश का पेट्रोल केवल तभी काम कर सकता है, जब भीतर ज्ञान की अग्नि सुलग उठी हो।

-10:15 a.m.

आज टॉलस्टॉय ने मुझे तीन गहरे सत्यों से परिचित कराया –

१-सबसे महत्त्वपूर्ण समय – जो तुम्हारे सामने है।

२- सबसे महत्त्वपूर्ण व्यक्ति – जो तुम्हारे सामने खड़ा है।

३- सबसे महत्त्वपूर्ण कार्य – जो तुम कर रहे हो।

-12:07 p.m.

प्रलोभनों से बचने का एकमात्र उपाय है –

हर दिन, हर घंटे, हर मिनट, हर सेकंड स्वयं को व्यस्त रखो। अपने वर्तमान कार्य को सबसे महत्त्वपूर्ण समझो और उसी में पूरी लगन के साथ जुटे रहो।

-6:30 p.m.

आज की दुनिया की हर माँ समझती है कि हमारे देश को शंकराचार्य, रामकृष्ण, विवेकानंद, गाँधी, ओशो, जैसी संतानों की जरूरत है, इनके जैसे सत्य के पुजारियों की जरूरत है, पर वह ये सोचती है कि ये हमारे घर में पैदा न हों, हमारे पड़ोसी के घर में पैदा हो जाएं।

लोग गुणवत्ता तो उच्चतर स्तर की पाना चाहते हैं पर उसकी कीमत नहीं चुकाना चाहते। लोग पाना तो बहुत कुछ चाहते हैं पर उसके लिए वांछनीय त्याग नहीं करना चाहते।

-10:34 p.m.